कैसे राधा जी को हँसाये

सोच रहीं हैं राधारानी चुप और उदास सी होकर कैसे अपने श्याम तक वो अपनी बातों को पहुँचाए,

उदासी देखकर हैरान हैं कान्हा सोचे मात्र कि कैसे राधा जी को फिर पहले की तरह हंसाए।

स्वच्छ भारत

हम सभी को स्वच्छता बहुत पसंद हैं। शायद ही ऐसे विरले प्राणी होंगे जो यह कहते होंगे की उन्हें स्वच्छता पसंद नहीं। हम सभी अपने घरों, आफिस और उस प्रत्येक स्थान पर जहां हम रहते हैं साफ सफाई रखते है। 

माननिय मोदी जी ने भी इसे इक अभियान का रूप देकर “स्वच्छता अभियान” का आरंभ किया है जिससे हमें सभी अवगत हैं।

हम सभी प्रत्येक दिन स्नान करते हैं ताकि अपने तन को स्वच्छ रख सके परंतु कभी हमने मन को स्वच्छ रखने के बिषय पर विचार किया?
हम सभी अपने आसपास के उस गंदगी को तो साफ कर देते है पर कुछ लोग जो हमारे आसपास अस्वच्छ विशुद्ध विचारों को लेकर इस समाज को अस्वच्छ कर रहे हैं उन्हें क्या यूँ ही अनदेखा करते रहेंगे?
क्या वास्तव में मात्र मोदी जी के “स्वच्छता अभियान” से और हमारे आसपास की बाहरी स्वच्छता से सत्य मैं स्वच्छ भारत बन पायेगा?
हम सभी जानते हैं नहीं……. क्यूँ कि यह तब तक सम्भब नहीं जब तक हमारे आसपास ऐसे लोग खत्म ना हो जाए जिनके विचार विशुद्ध हैं–
आप सभी WhatsApp, Facebook, Twitter, Tumblr, We chat तथा Telegram आदि ना जाने कितने मैसेंजर से परिचित होगे। जहां हर वर्ग के ब्यक्ति जैसे बच्चे, जवान और बुजुर्ग मिलेगे। उन्हें क्या सौंपा जाता है को ध्यान से देखेंगे तो पायेगे कि कुछ विकृत मानसिकता के लोग ऐसी सामग्री पोस्ट करते हैं जिससे उन्हें तो “लाइक” और “कमेंट” मिल जाते हैं परंतु उसका इस समाज पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है।

जिसके फलस्वरूप प्रत्येक दिन न्यूज पर नारी पर हुए अत्याचार की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।

क्या हम वास्तव में इसे रोक सकते हैं। हमें लगता है हम सब अगर एक हो जाये तो अवश्य रोक सकते हैं।
हम सभी अगर हमारे आसपास ऐसे कोई करता हुआ दिखा तो उसे ऐसा करने से रोक सकते हैं।
ताकि इक स्वच्छ भारत का स्वप्न पूर्ण हो सकें।
यह इक ऐसा मंच है जहाँ हर वर्ग के और विचारधारा के व्यक्ति होगे। जिस वजह से में अपनी बात पूरी तरह नहीं रख पाया क्यूँकि शब्दों की गरिमा का ध्यान देना भी अवश्य है परंतु हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सब हमारी बात को समझ गए होंगे। आप सबने सदैव अपना सहयोग दिया है। इसीलिए आप सबसे सहयोग की अपेक्षा करता हूँ। जानने की उत्सुकता होगी की आप सब इस बारे में क्या सोचते हैं। आपके सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी।
धन्यवाद।

आपका स्नेह।

सर्वप्रथम बड़ो को चरण स्पर्श तथा मित्रों को प्रणाम। धन्यवाद हमें और हमारे लेखों को प्रौत्साहन देने के लिए। सत्य कहे तो हमने कभी सोचा ही नहीं था कि आप सबका इतना प्रेम और स्नेह हमें मिलेगा। हम तो अपने खोये आप से मिलने की वदेना को कम करने के लिए यह आये थे। हमने कभी ना सोच था कि आप हमें इतना सराहेगे। सत्य कहे तो कल तक हमने सोचा भी नहीं था परंतु आपका सहयोग मिला। आज हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। हमें आशा है आप सभी हमारा साथ देगे। हम अपने अगले पोस्ट में आपसे यही साझा करेंगे की हमें आप सबका सहयोग क्यूँ और किस लिए चाहिए। हमें पूर्ण विश्वास हैं की आप हमारे साथ हैं और आप सबका ये अटूट प्रेम और स्नेह सदैव हम पर बना रहेगा ।धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद।

पत्थरों पर लिखे नाम

वर्डप्रेस परिवार के मेरी दी, दा और मित्रों ने इस गीत को सराहा इसके लिए सर्वप्रथम बहुत-बहुत धन्यवाद। असल में ये गीत कही ना कही मुझ पर चरितार्थ होता हैं इसलिए मैंने इसे अपने लेखनी में जगह दी। इसे लिखते हुए सोचा ना था कि आपके द्वारा इतना सराहा जायेगा। इसलिए इस पोस्ट को हिन्दी में पोस्ट कर रहा हूँ आशा है इन पंक्तियों के पीछे छुपी भावना को आप समझ पायेगे। 


Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pare,

पत्थरों पर लिखे हुए नाम हो सकता है मिट जाए,

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

पत्थरों पर लिखे हुए नाम हो सकता है मिट जाए ,

Muchwe na kouno din hridoye lekha naam bhalo wasi aami jare…

पर हमारे मन में बसा जो आपका नाम हैं वो सच में ना कभी मिट पाये…

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

पत्थरों पर लिखे हुए नाम हो सकता है मिट जाए

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

पत्थरों पर लिखे हुए नाम हो सकता है मिट जाए ,

Paharer kanna jhorna hoye sagarer sathe mile jaye.

पत्थरों के आंसू झरना बनकर सागर में सदा मिल जाये।

Hridoye kanna keu to dekhe na Htidoye maje jonme roye.

मन के आंसू भले ही कोई ना देख पाये पर वो तो मन ही रह जाये।

Jotone godno Mon hariyechi king in guptochara baluchore…

कितने जतन से सम्भले रखा था मन को पर कब खो दिया समझ ही ना हम पाये,

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

पत्थरों पर लिखे हुए नाम हो सकता है मिट जाए ,

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

पत्थरों पर लिखे हुए नाम हो सकता है मिट जाए ,

मेरी राधा

कान्हा कहती हैं वो मुझे अपना और मैं उन्हें अपनी राधा बनाना चाहता हूँ,

इच्छा है मात्र इतना ईश्वर उस राधा को रूक्मनी की तरह अपने घर में लाना चाहता हूँ।

मेरा परिचय।

अक्सर आप सब मुझसे मेरे नाम के बारे में पूछते हैं तो मुझे भी थोड़ी सी उत्सुकता हुई कि मैं आपको अपने बारे में कुछ बताएँ तो आज मैं कुछ और नहीं बल्कि अपने वर्डप्रेस परिवार के दी, दा और मित्रों को अपना परिचय देना चाहता हूँ। आज अपना परिचय देने से पहले कुछ और भी शेयर करना चाहता हूँ वह यह कि आपने इक बात नोटिस की होगी की मैं यह परिवार शब्द का अक्सर प्रयोग करता हूँ। जानते हैं क्यूँ क्यूँकि हमें ऐसा लगता है कि परिवार मात्र वो नहीं होता जहां मा, पिता जी, भाई-बहन और दुसरे रिश्ते रहते हैं बल्कि ये संपूर्ण धरा हमारा परिवार हैं। इसी लिए तो हमारे धर्म में ” वसुधैव कुटुम्बकम्” कहा जाता है। ये समस्त विश्व हमारा परिवार हैं। अच्छा थोड़ा अधिक हो रहा है तो मैं शीघ्र ही अपने इस बात को आपसे साझा करूँगा। अभी मैं अपने परिचय की ओर रूख करता हूँ।

आरंभ मैं अपने नाम से ही करता हूँ। मैं माँ तथा पिता जी दोनों के वंश में ज्येष्ठ पुत्र हूँ इसलिए मुझे अपने दादा जी और नानी माँ तथा अन्य सभी बड़ो से बहुत प्यार मिला उसी प्यार के स्वरूप ही मुझे अपना ये पवन नाम भी मिला। यह नाम मुझे मेरे ताऊजी ने दिया क्यूँकि उन्हें ऐसा लगता था कि बडा होकर मैं पवन के समान वेग और तेज वाला होऊगा। आपको तो पता ही होगा हमारे अपने हमारे बारे में क्या क्या सोचते रहते हैं। खैर इस नाम को यही विराम देते हैं। अब बारी आती हैं मेरे दुसरे नाम pkckd1989 की जिसको आप सब जानते हैं। अक्सर मुझसे इसके बारे में पूछा जाता है तो सोचा आज इसके बारे में बताया जाये। जैसे मेरा पवन नाम मेरे वास्तविक संसार का परिचय देता है वैसे ही pkckd1989 मेरे सोशल मीडिया संसार की पहचान है। इसमें pkc मेरे पवन कुमार चौहान का संक्षिप्त का रूप तथा 1989 मेरा जन्म का वर्ष हैं। अब आप सब सोचेगे की kd के बारे में बताया ही नहीं असल में इस kd का कोई अर्थ है ही नहीं। असल में मेरा नाम बहुप्रचलित था जिसकी वजह से मुझे अपनी id बनाने में कठिनाई हो रही थीं। कुछ समझ ही नहीं पा रहा था कि ऐसा क्या प्रयोग किया जाए जिससे id बन जाये। ध्यान देने पर पाया अधिकतर लोग 007 जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन दिनों kd नामक एक जासूसी धारावाहिक आता था जो बहुत प्रचलित था उसी से मैंने kd अक्षर लिया और मेरा नाम पूर्ण होकर pkckd1989 बन गया। जो इस काल्पनिक संसार की मेरी पहचान है। अब जब आप मेरे नाम से परिचित हो गए हैं तो अपने बारे में कुछ और बताना चाहूँगा।

21 जनवरी 1989 का दिन था। जिस दिन मैंने पहली बार अपनी ममतामयी मां को देखा। वो पहला दिन था जब मुझे इतने प्यारे से परिवार का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला। अपनी मां से दुखी होने पर भी अपनो की खुशी के लिए मुस्कुराना, सदैव हर परिस्थिति में खुद को शांत रखकर चुनौतियों के लिए तैयार रहने का गुण तथा सदैव जरूरतमंद्दो की सहायता करने का गुण मुझे अपने पिता से अपने आरंभिक शिक्षा के रूप में मिला। मैंने वाणिज्य (Commerce) से स्नातक (Graduation) की शिक्षा कुमाऊँ विश्वविद्यालय (नैनीताल) से तथा मार्केटिंग से MBA की शिक्षा IMT गाज़ियाबाद से पूर्ण की। अभी इक ट्रेडिंग कम्पनी में प्रमुख विक्रयकर्ता (Sales Head) के पद पर कार्यरत हूँ। मुझे बचपन से ही पढ़ने का बहुत शौक है। मैं अपने पढाई के पुस्तकों के साथ-साथ कविता, कहानियों की पुस्तके पढने में बहुत ही आनंद आता था। कुछ बडा हुआ तो मेरी कल्पनाओ ने शब्दों का रूप लेना आरंभ कर दिया। कुछ कविताओं और लेखों को जब काॅलेज की पत्रिका में स्थान मिला तो मेरा साहस बढ गया। कुछ समय तक यूँ ही डायरी के पन्नों को अपनी कल्पनाओ से रंगता रहा।

मात्र यही नहीं इसके सिवा हमें खाली समय में गाने सुनने, मोबाइल गेम्स खेल तथा उपन्यास पढने में बहुत आंनन्द आता है। मुझे नयी नयी जगह पर घूमना नये नये लोगों से मिलना भी बहुत पसंद हैं। मुझे हिन्दी और पंजाबी गाने बहुत अच्छे लगते हैं। डैड ट्रिगर, ड्रैगन मेनिया लिजेड्री, एस्फेल्ट सीरिज आदि मेरे सबसे पसंदीदा गेम्स में से हैं। चेतन भगत जी की वन नाइट एट ए काॅल सेंटर, अमीश जी की शिव भगवान पर रचित संकलन, रान्डा बर्न जी की द सिक्रेट सबसे पसंदीदा उपन्यास बहुत पसंद हैं। बस अभी के लिए इतना ही समय और साथ रहा तो बाकी सब भी अवश्य बताऊगा।

अब आप मेरे बारे में लगभग सब कुछ ही जान गये होगे। आप सबने मेरे बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई और इस परिचय को पढ़ इसके लिए हृदय से मे आप सबका आभार व्यक्त करता हूँ।

अरमान

हैं ये अरमान मेरा मैं अधूरा नहीं जाना चाहता हूँ,

जो आदत बन चुके और मजबूरी भी उनके साथ पूरा होकर कुछ पल जीना चाहता हूँ।

Pathore lekha naam hoye to muche jete pare..

পাথরে লেখা নাম হয়তো মুছে যেতে পারে

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pare,

পাথরে লেখা নাম হয়তো মুছে যেতে পারে
মুছবে না কোন দিন হৃদয়ে লেখা নাম
ভালবাসি আমি যারে এ এ এPathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

Muchwe na kouno din hridoye lekha naam bhalo wasi aami jare…


পাথরে লেখা নাম হয়তো মুছে যেতে পারে

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,


পাথরে লেখা নাম হয়তো মুছে যেতে পারে

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,


পাহাড়ের কান্না ঝর্ণা হয়ে সাগরের সাথে মিশে রয়

Paharer kanna jhorna hoye sagarer sathe mile jaye.

হৃদয়ের কান্না কেউতো দেখে না
হৃদয়ের মাঝে জমে রয়

Hridoye kanna keu to dekhe na

Htidoye maje jonme roye.

যাতনে গড়া মন হারিয়েছে কখন
গুপ্তচোরা বালুচরে।

Jotone godno Mon hariyechi king in guptochara baluchore…


পাথরে লেখা নাম হয়তো মুছে যেতে পারে

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

পাথরে লেখা নাম হয়তো মুছে যেতে পারে

Pathore lekha naam hoy to muchhe jete pate,

Tumake miss to sei khon korbo jokhon tumar koun kotha aar tumake bhulwo.. Chok khularte niye chokhta bondo koraa pojonto tumke mone kro.. tumi hi bolo tobe miss kokhon kori…